स्वास्थ्य

(स्वस्थ जीवन – सशक्त समाज की नींव)

आज के इस भाग-दौड़ भरे जीवन में हर व्यक्ति के लिए स्वस्थ रहना परम आवश्यक हो गया है। किन्तु जितना अधिक लोग आधुनिकता में लीन होते जा रहे हैं, उतना ही वे अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करते जा रहे हैं।

हम सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान नियमित योग अभ्यास के माध्यम से स्वयं रखने के बजाय, आधुनिक युग में बनी दवाइयों पर अधिक निर्भर होते चले जा रहे हैं।

परिणामस्वरूप आज हम 30–40 वर्ष की आयु तक पहुँचते-पहुँचते दवाइयों और चश्मे का प्रयोग करने लगते हैं।

योग द्वारा स्वस्थ जीवन

अतः सर्वप्रथम हमें अपने देशवासियों को दवाइयों पर निर्भरता से मुक्त कराने तथा स्वयं भी इनका त्याग कर योग अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ रहने का महत्व समझाने की आवश्यकता है।

प्रकृति, मानवता और सेवा

इसके साथ ही हमें लोगों के साथ मिलकर प्रकृति को स्वच्छ बनाए रखने, पेड़-पौधे लगवाने तथा समाज में मानवता का भाव विकसित करने के लिए रक्तदान महादान जैसे कार्यों को भी करना होगा और उनके महत्व को लोगों तक पहुँचाना होगा।

अतः इन सभी कार्यों के लिए हमारे फाउंडेशन के माध्यम से आप स्वयं जुड़ें तथा अन्य लोगों को भी जोड़कर उन्हें जागरूक एवं प्रेरित करें।

यदि हम मानवता के इस कार्य में सफल हो जाते हैं, तो किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य खराब होने पर उसे रक्त आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

इसके लिए न तो आपको और न ही हम सभी को किसी प्रकार का धन खर्च करना पड़ेगा।

अतः आप आगे आएँ, लोगों को जागरूक करें और इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दें।

जरूरतमंदों की सहायता

इसके साथ ही हमें उन बुजुर्गों की भी सहायता करनी है, जिनके पास धन तो होता है, किन्तु उनका बेटा या बहू उनकी देखभाल नहीं करते या किसी अन्य स्थान पर रहते हैं।

साथ ही हमें दिव्यांगों एवं गरीबों के स्वास्थ्य के लिए भी यथासंभव उनकी सहायता करनी है।

समाज के अन्य लोगों को भी इनकी सहायता के लिए आगे आने हेतु प्रेरित करना हमारा दायित्व है।